रानीवाड़ा : जाने 1985 से 2018 की राजनीति – तीन बार रह चुके विधायक एक बार फिर रानीवाड़ा की राजनीति में लाएगे भुचाल ?

– देवड़ा के कांग्रेस में शामिल होने के संकेत – रानीवाड़ा की राजनीति में एक बार फिर आया उछाल

– कुछ महिनों पूर्व गौरव यात्रा में रानीवाड़ा सीट पर आत्मविश्वास दिखा रही भाजपा, चुनाव से ठीक पहले पड़ी संकट में

राजस्थान भारती. वरुण शर्मा

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले रानीवाड़ा के तीन बार विधायक रह चुके, अर्जुन सिंह देवड़ा कांग्रेस में शामिल होने के संकेत देना। रानीवाड़ा की राजनीति जिले की एक सीट पर प्रत्याक्षी बदलने के भी समीकरण दिखाई दे रहे है।

जाने 1985 से 2018 तक की रानीवाड़ा विधानसभा की राजनीति….

1. समय था 1985 रतना राम चौधरी दो बार विधायक के चुनाव जीत चुके थे। दूसरी तरफ पहली बार विधानसभा चुनाव में उतरे अर्जुनसिंह देवड़ा एक नए रुप में जनता के सामने थे। अर्जुन सिंह देवड़ा व रतनाराम चौधरी आमने सामने थे। पहले ही चुनाव में अर्जुनसिंह देवड़ा ने रतनाराम को हरा दिया। इस चुनाव में देवड़ा को 31188 व रतनाराम चौधरी को 24012 वोट मिले।

2. 1990 में कांग्रेस से रतनाराम चौधरी व भाजपा से अर्जुनसिंह देवड़ा मैदान में थे। इस चुनाव में रतनाराम चौधरी ने जीत दर्ज की। रतनाराम को 39468 व देवड़ा को 33080 वोट मिले।

3. सन 1993 में भाजपा से अर्जुनसिंह देवड़ा व कांग्रेस से रतनाराम चौधरी आमने सामने थे। इस चुनाव में अर्जुनसिंह देवड़ा को 44371 व चौधरी को 33485 वोट मिले।

4. 1998 में भी रतनाराम चौधरी व अर्जुन सिंह देवड़ा आमने सामने थे। इस चुनाव में रतनाराम को 42489 व देवड़ा को 40248 वोट मिले। और एक बार फिर रतनाराम चौधरी की जीत हुई।

 

 

5. समय था 2003 कई सालों बाद कांग्रेस ने प्रत्याक्षी बदला और रतन देवासी पहली बार विधानसभा चुनाव में मैदान में थे। इस चुनाव में कांग्रेस से रतन देवासी व भाजपा से अर्जुनसिंह देवड़ा मैदान में थे। पहले ही चुनाव में रतन देवासी को हार का सामना करना पड़ा और अर्जुन सिंह देवड़ा फिर से विधायक बने। इस चुनाव में देवड़ा को 50445 व देवासी को 38650 वोट मिले।

6. 2008 में कांग्रेस से रतन देवासी व भाजपा से नारायणसिंह देवल आमने सामने थे। रतन देवासी को 46716 व नारायणसिंह देवल को 26914 वोट मिले। और रतन देवासी ने इस चुनाव में जीत दर्ज की।

7. 2013 में भाजपा से नारायणसिंह देवल व कांग्रेस से रतन देवासी आमने सामने थे। इस चुनाव में देवल ने सीट पर कब्जा किया।